New Labour Code In UP: उत्तर प्रदेश में मजदूरों और कंपनियों से जुड़े कानूनों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार अप्रैल से नया लेबर कोड पूरे प्रदेश में लागू करने जा रही है। राज्य सरकार ने यूपी की जरूरत के अनुसार इसमें कुछ छोटे बदलाव किए हैं। जनवरी से इस बिल को जनता के लिए जारी किया जाएगा, ताकि लोग अपनी राय दे सकें। करीब पैंतालीस दिन बाद इसे अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा। इसके बाद इसका पालन सभी को करना जरूरी होगा। आईए जानते हैं नया नियम लागू होने के बाद क्या-क्या बदलाव होंगे और श्रमिकों की सैलरी पर क्या असर देखने को मिलेगा।
अब हर कर्मचारी को मिलेगा नियुक्ति पत्र
नए लेबर नियम के अनुसार अब हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना जरूरी होगा। चाहे कर्मचारी स्थायी हो, अस्थायी हो, ठेके पर हो, दिहाड़ी पर हो या आउटसोर्सिंग पर हो, सभी को नियुक्ति पत्र देना होगा नियुक्ति पत्र में काम की शर्तें, वेतन और बाकी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। अभी बहुत सी कंपनियां बिना लिखित कागज के लोगों से काम कराती हैं, जो अब नहीं चलेगा। नए नियम में यह भी तय किया गया है कि जितने दिन कोई कर्मचारी काम करेगा, उतने दिन के हिसाब से उसे ग्रेच्युटी मिलेगी। ईपीएफ और ईएसआई का लाभ भी सभी को दिया जाएगा।
बेसिक सैलरी को लेकर नया नियम
अभी कई कंपनियां कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बहुत कम दिखाती हैं, ताकि ईपीएफ कम देना पड़े। लेकिन नए नियम में ऐसा नहीं हो सकेगा। अब कुल सैलरी का आधा हिस्सा बेसिक सैलरी में रखना जरूरी होगा। इससे कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा और पीएफ भी ज्यादा बनेगा। सरकार ने साफ किया है कि इससे कर्मचारियों की हाथ में मिलने वाली सैलरी कम नहीं होगी। चालीस साल से ऊपर के कर्मचारियों का हर साल कंपनी की ओर से स्वास्थ्य जांच भी जरूरी कर दी गई है।
पुराने कानून हटाकर नया सिस्टम होगा लागू
पहले मजदूरों से जुड़े उनतीस कानून थे। अब सरकार ने उन्हें चार नए कानूनों में बदल दिया है। यह पूरे देश में लागू किए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इन्हें लागू करने के लिए तैयारी कर ली है। इसके लिए समितियां बनाई गई थीं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर बिल में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब यह जल्द लागू होगा। अब फैक्ट्री या कंपनी चलाने के लिए हर राज्य में अलग लाइसेंस नहीं लेना पड़ेगा। एक ही लाइसेंस पूरे देश में मान्य होगा। इससे व्यापारी कहीं भी अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
अब इंस्पेक्टर की जगह फैसिलिटेटर होंगे
नए नियम में लेबर इंस्पेक्टर का नाम बदलकर फैसिलिटेटर कर दिया गया है। उनका काम कंपनियों को नियम समझाना और पालन कराना होगा। अब तुरंत मुकदमा नहीं होगा। पहले समझाया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा। अगर कोई कंपनी बार बार नियम तोड़ेगी, तभी उस पर केस होगा।
नया नियम लागू होने के बाद जहां एक और लाखों श्रमिकों को आर्थिक रूप से लाभ होगा तो वहीं उनकी दैनिक आए भी बढ़ जाएगी ऐसे में उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा जिससे उनके बच्चों की शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिलेगा।
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