Daily Wage Workers Good News (January 19, 2026):
उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर दैनिक मजदूरों के हित में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार कर्मचारियों और मजदूरों से जुड़े अहम फैसले ले रही है। अब इसी कड़ी में वन विभाग के अंतर्गत काम कर रहे सैकड़ों दैनिक मजदूरों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम ₹18,000 प्रतिमाह वेतन देने की दिशा में बड़ा फैसला लगभग तय माना जा रहा है।
यह निर्णय न सिर्फ आर्थिक राहत देगा, बल्कि वर्षों से संघर्ष कर रहे दैनिक वेतन भोगी मजदूरों के जीवन में स्थिरता भी लाएगा।
वन विभाग के दैनिक मजदूरों के लिए बड़ी सौगात
वन विभाग में कार्यरत दैनिक मजदूर राज्य के सबसे कठिन और जोखिम भरे कामों में लगे रहते हैं।
इन मजदूरों की जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
- जंगलों में नियमित गश्त
- वन्यजीवों से जुड़े खतरों से निपटना
- जंगलों में आग बुझाने का कार्य
- अवैध कटान रोकना
- पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य
इन सब कार्यों के बावजूद अब तक इन्हें बेहद कम वेतन पर काम करना पड़ रहा था। सरकार ने इसी असमानता को दूर करने के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला लिया है।
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मंत्रीमंडलीय उप समिति का गठन
दैनिक मजदूरों के वेतन से जुड़े प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने के लिए राज्य सरकार ने मंत्रीमंडलीय उप समिति का गठन किया है।
इस समिति की अध्यक्षता वन मंत्री सुबोध उनियाल कर रहे हैं।
उप समिति ने विभिन्न बैठकों में मजदूरों की स्थिति, उनके काम की प्रकृति और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का अध्ययन किया है। इसके बाद समिति ने स्पष्ट रूप से सिफारिश की है कि:
वन विभाग के दैनिक मजदूरों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए।
7वें वेतन आयोग के अनुसार ₹18,000 वेतन की सिफारिश
मंत्रीमंडलीय उप समिति ने ₹18,000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन देने पर सहमति जताई है।
अब इस सिफारिश को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट में रखा जाएगा।
कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही
वन विभाग के लगभग 700 दैनिक मजदूरों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
पहले भी मिल चुकी है महंगाई भत्ता की राहत
यह पहला मौका नहीं है जब उत्तराखंड सरकार ने दैनिक मजदूरों के हित में फैसला लिया हो।
इससे पहले:
- लगभग 300 दैनिक मजदूरों को महंगाई भत्ता (DA) देने का आदेश
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत 2020 में निर्णय
- लेकिन सभी मजदूरों को उस समय पूरा लाभ नहीं मिल सका
अब सरकार शेष बचे मजदूरों को भी समान लाभ देने की दिशा में काम कर रही है।
आर्थिक मजबूती के साथ बढ़ेगा मनोबल
₹18,000 न्यूनतम वेतन लागू होने से:
- मजदूरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी
- परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान होगा
- नौकरी में सुरक्षा और स्थिरता का भाव आएगा
- कार्य के प्रति मनोबल और जिम्मेदारी बढ़ेगी
सरकार का मानना है कि संतुष्ट कर्मचारी ही बेहतर सेवा दे सकता है।
दैनिक मजदूरों की अतिरिक्त मांगें
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही कुछ मांगें भी रखी हैं:
- न्यूनतम वेतन के साथ महंगाई भत्ता (DA)
- पिछले वर्षों का एरियर भुगतान
- सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य लाभ
संघ के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राणा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार दैनिक मजदूरों को न्यूनतम वेतन के साथ अन्य लाभ भी मिलने चाहिए।
राजनीतिक और सामाजिक रूप से अहम फैसला
धामी सरकार के ये फैसले:
- कर्मचारियों और मजदूरों के बीच भरोसा बढ़ा रहे हैं
- राज्य में सरकार की मज़दूर-हितैषी छवि मजबूत कर रहे हैं
- आगामी समय में राजनीतिक रूप से भी अहम माने जा रहे हैं
कैबिनेट की अंतिम मंजूरी के बाद यह फैसला औपचारिक रूप से लागू होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Daily Wage Workers Good News उत्तराखंड के हजारों दैनिक मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो वन विभाग के मजदूरों को पहली बार सम्मानजनक वेतन मिलेगा और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।
अब सभी की नजरें राज्य कैबिनेट की मंजूरी पर टिकी हुई हैं।
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